घुम्मकड, चित्रकार, प्रकृति और संगीत प्रेमी, गाहे-बगाहे रसोईघर में घुस कर हाथ साफ़ करने वाले आशुतोष, पेशे से एक इन्जीनियरिंग कॉलेज से जुड़े है, ‘रकसक’ काँधे पर डाल, ट्रेकिंग पर निकल पढ़ना खास शगल है आशुतोष का और तस्वीरें लेना ऐसा है जैसे की सांस लेना | आशु खास तौर पर अपने आप को प्रकृति के नजदीक पाते है और वही इनकी फोटोग्राफी में झलकता है