मुकेश एक सामाजिक रूप से प्रतिबद्ध कलाकार के हस्ताक्षर है. आजादी के बाद भी छह दशकों से हाशिए पर रही आबादी के प्रति समर्पित मुकेश अपना काम चुपचाप किये जा रहे है, इतना होने पर भी उनके काम को हाशिए पर रहे लोगों के दुख के  दस्तावेज के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए. इसके विपरीत, मुकेश अपने काम में उनकी खुशी,  मिलन  तथा  आदमी, औरत, जानवरों और प्रकृति के बीच में एक स्वस्थ सह अस्तित्व को दर्ज करते है | मुकेश अपनी कलात्मक कैरियर के इस बिंदु तक पहुंचने के लिए एक लंबा सफर तय किया है और अधिक महत्वपूर्ण बात यह है उन्हें पता है की उनका गंतव्य क्या है