कलाकृतियों के जरिए सूक्ष्म भावों की अभिव्यक्ति के लिए अमूर्त चित्रण का प्रयोग लाजमी हो जाता है. अक्षय की कलाकृतियों में ये भाव प्रखर रूप में उभर कर आते हैं.  अक्षय की कुछ कलाकृतियाँ संवेदनशील कला प्रेमियों को अपनी ओर आकर्षित कर स्वप्निल दुनिया में ले जाती हैं तो कुछ कलाकृतियाँ भौतिक जगत की अर्थहीनता और उसकी वास्तविकता का भी आभास करवाती प्रतीत होती हैं. दर्शक के भीतर एक अजीब सा तनाव भी पैदा करती हैं. कलाकृतियों का आभास दर्शक के मन में बैठ जाता है जो आसानी से बाहर नहीं जा पाता.

1963 में इंदौर में जन्मे अक्षय ने एम. एस. विश्वविद्यालय, बड़ौदा से चित्रकला में स्नातक की उपाधि प्राप्त की. अनेक कला सम्मानों – अचल एलाय अवार्ड 88, अभ्युदय सम्मान 02, मीरा कला सम्मान 05, विष्णु चिंचालकर कला सृजन सम्मान इत्यादि से सम्मानित अक्षय कला सृजन में निरन्तर रत रहे हैं.