चटोरों की दुनिया में एक बार फिर से स्वागत है आपका । इस बार आपको लिए चलते है फिर एक स्ट्रीट-फ़ूड अड्डे पर कचौरियां खिलवाने के लिए ! देवास रोड पर पॉलिटेक्निक कॉलेज से आगे, पुलिस लाईन्स रोड पर मुड़ते है लगभग एक फर्लांग, आपको मिलेगा  ‘मुन्ना भैय्या रेस्टोरेंट’

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मेरा दावा है जिन लोगों ने यहाँ पहले कचौरियां चटकाई है उन्हें भी इस दुकान का नाम आज ही पता चला होगा ! खैर। यहां संतोष भैय्या के हाथों की बनी कचोरी खाते ही आपको मजा आजायेगा

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अमूमन, आपने कचौरी के साथ लाल – हरी चटनी खायी होगी, पर यहाँ की चटनी एक विशेष प्रकार की है, दही में कुछ खास मसाले मिला कर जो चटनी इन कचौरियों के साथ परोसी जाती है वो एक नया स्वाद है। हमारे साथी इमरान बताते है की कॉलेज में पढ़ते हुए वो जब दोस्तों के साथ यहाँ कचौरी खाने जाया करते थे तो तो कचौरी ‘खाते’ थे और चटनी ‘पीते’, पीते से मतलब कम से कम ३-४ बार चटनी डलवाई जाती थी एक कचौरी में।

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तो चलिए ! अगली बार जब आपकी स्वाद ग्रंथियाँ आपको उकसाएं, चल पड़ें मुन्ना भैय्या के रेस्टोरेंट की तरफ, दही चटनी के साथ कुछ गरम कचौरियां चटकाने के लिए