‘मेघदूत’ में महाकवि कालिदास ने उज्जयिी का सुंदर वर्णन करते हुए कहा है कि जब स्वर्गीय जीवों को अपने पुण्यक्षीण होने की स्थिति में पृथ्वी पर आना पडा। तब उन्होंने विचार किया कि हम अपने साथ स्वर्ग का एक खंड (टुकत्रडा) भी ले चले। वही स्वर्गखंड उज्जयिनी है।

थोडा सा समय निकल कर  उज्जैन नगरी पर श्री राज शेखर व्यास कृत एक बहुत सुंदर व महत्त्वपूर्ण फिल्म  ‘जयती जय उज्जयिनी’ जरूर देखिएगा |

पद्मभूषण, साहित्य-वाचस्पति डॉ. पं. सूर्यनारायण जी व्यास के सबसे छोटे पुत्र श्री राजशेखर व्यास चर्चित लेखक, संपादक, विख्यात निर्माता-निदेशक हैं । वे अनेक भाषाओं में अपने लेखन, निर्माण-निर्देशन,सम्पादन, मौलिक चिन्तन के लिए विख्यात हैं । राजशेखर क्रेम्बीज (इंग्लैंड) के उप महानिदेशक रहे । सम्प्रति, दूरदर्शन महानिदेशालय में अतिरिक्त महानिदेशक पद पर कार्यरत हैं ।